इश्क से इश्क कि रूह
खुद ना पुछे कोई
अशक आन्खों में
उठा के वो गिरा देता है

जब्ब भी पुछा हैं के
अन्जामे-मुहब्बत किया है
दिल ब्नाता है वो
फिर दिल को मिटा देता है

मोहब्बत कि कहानी में
कहाँ ये मोर्ड आते हैं

मोहब्बत कि कहानी में
कहाँ ये मोर्ड आते हैं
के जीन् को दिल में रख्तें है
वोही दिल तोर जातें हैं

तुम्हारा नाम ले ले कर
तरपना क्या सुलाघना क्या
तुम्हारा नाम ले ले कर
तरपना क्या सुलाघना क्या

मुहब्बत तुम जो हो जाओ
तोः मिल्ना क्या बिछडना क्या
येह क्या के तुम बनातीहो
बना कर तुम मिटती हो
जिगर का खुन पिती हो
दिलो का मास खाती हो

येही हैं चोच्लें तेरे
लो मेफिल छोड जती हैं
जिन को दिल में रख्तें हैं
वोही दिल तोर जातें हैं

चलो हम पास राख ले गे
तेरी बातें तेरी यादें
चलो हम पास राख ले गे
तेरी बातें तेरी यादें

मुहब्बत तेरे सद्के में
येही मिल्ती हैं सोगाते
हाँसे गए दिल से मिल कर हम
गले दिल को लगाए गे

तुझे हम याद कर ले गे
तुझे हम भूल जाए गे
तुझे हम भूल जाये गे

चलो मन्जिल से पहले हम                                                                                                                                   चलो मन्जिल से पहले हम
येह रास्ता मोड जातें हैं
जिन को हम दिल में रख्तें हैं
वोही दिल तोर जातें हैं।।